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दिल्ली के नागरिकों एवं व्यापारियों के लिए सीलिंग से राहत की मांग को लेकर दिल्ली प्रदेश भाजपा, नगर निगम एवं व्यापारिक नेताओं का प्रतिनिधिमंडल केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री से मिला

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नई दिल्ली, 29 दिसम्बर।  दिल्ली भाजपा नेताओं, नगर निगम नेताओं एवं व्यापारिक प्रतिनिधियों का एक प्रतिनिधिमंडल आज सायं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री विजेन्द्र गुप्ता के नेतृत्व में केन्द्रीय मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी से मिला और दिल्ली लाॅज़ (स्पेशल प्रोवीजन एक्ट-2017) लाकर दिल्ली के नागरिकों एवं व्यापारियों को राहत देने पर धन्यवाद देते हुये उनका ध्यान भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित माॅनिटरिंग कमेटी द्वारा चलाये जा रहे सीलिंग अभियान से नागरिकों एवं व्यापारियों को हो रही परेशानियों की ओर उनका ध्यान आकृष्ट किया।  प्रतिनिधिमंडल ने आज केन्द्र सरकार द्वारा दिल्ली में भारत सरकार द्वारा स्थापित मार्किटों पर लागू कनवर्जन चार्ज घटाकर 22000 रूपये करने के लिए भी केन्द्रीय मंत्री का धन्यवाद किया।
श्री विजेन्द्र गुप्ता के अतिरिक्त प्रतिनिधिमंडल में दिल्ली भाजपा नेता श्री कुलजीत सिंह चहल, श्री राजीव बब्बर, श्री रविन्द्र गुप्ता, श्री राजेश भाटिया, विधायक श्री ओम प्रकाश शर्मा, दक्षिणी दिल्ली नगर निगम महापौर श्रीमती कमलजीत सहरावत, नेता सदन श्रीमती शिखा राय एवं स्थायी समिति अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र गुप्ता और व्यापारी नेता श्री प्रवीण खंडेलवाल, श्री सुरेश बिन्दल, श्री रमेश खन्ना, श्री देवराज बवेजा एवं श्री उमेश सेठ आदि सम्मिलित थे।
प्रतिनिधिमंडल ने केन्द्रीय मंत्री को बताया कि माॅनिटरिंग कमेटी निगम अधिकारियों को व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को बिना पूर्व नोटिस दिये सीलिंग करने के लिए बाध्य कर रही है जो कि गैर कानूनी है।  स्वयं माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने 2006 से चले सीलिंग अभियान के दौरान यह स्पष्ट किया था कि माॅनिटरिंग कमेटी न्यायपूर्ण कार्य करे और हर मामले में आवश्यक पूर्व नोटिस जरूर दे।
श्री विजेन्द्र गुप्ता ने केन्द्रीय मंत्री को अवगत कराया कि दिल्ली सरकार की लापरवाही के चलते अनधिकृत कालोनियों के निर्माण एवं उपयोग के नियमितिकरण संबंधी प्रक्रिया एवं सैकड़ों कामर्सियल घोषित सड़कों की अधिसूचना का कार्य लंबित पड़ा है जिसके चलते बड़ी संख्या में नागरिकों एवं व्यापारियों को असुविधा हो रही है।
भाजपा नेताओं एवं व्यापारी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने केन्द्रीय मंत्री को अवगत कराया कि दिल्ली विकास प्राधिकरण ने कृषि भूमि पर बने गोदामों के नियमितिकरण के लिए नीति तैयार कर ली है।  साथ ही उन्होंने कहा कि दिल्ली अब कृषि राज्य सूची से बाहर है और अब यहां की कसी भूमि को कृषि भूमि कहना हास्यास्पद लगता है।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि दिल्ली के व्यापारिक प्रतिष्ठान कनर्वजन चार्ज देने के लिए तैयार है पर विभिन्न स्पष्टिकरण की आवश्यकताओं के चलते कनवर्जन चार्ज अदायगी लंबित रही है।  अतः केन्द्रीय मंत्री इस मामले में हस्तक्षेप करके सीलिंग अभियान को कम से कम तीन माह के लिए स्थगित करायें ताकि जटिल स्पष्टिकरण प्रक्रियायें पूरी हो सकें।

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