लावण्या के लिए न्याय और मिशनरी स्कूलों में जबरन मत परिवर्तन के खतरे से निपटने की आवश्यकता भारत सरकार को:- अभाविप

Share

जन जोश हिंदी समाचार पत्र

 

आज दिनांक 24/1/2021 को अभाविप बोधगया द्वारा मगध विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन के सामने तमिलनाडु मिशनरी स्कुल का पुतला दहन किया गया। मगध विश्वविद्यालय संयोजक सूरज सिंह ने कहा कि सेक्रेड हार्ट्स हाई स्कूल, तंजावुर, तमिलनाडु के छात्र एम लावण्या की आत्महत्या से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और हमारे देश का पूरा युवा बेहद सदमे और पीड़ा में है। यह हमें क्रोध दिलाता है कि लावण्या को ईसाई मत में जबरन मतांतरण के प्रयास के कारण हुई भयावहता के कारण अपना जीवन समाप्त करना पड़ा, जिसे उसने सचेत अवस्था में रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में गवाही दी थी। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पुलिस ने दोषियों को न्याय दिलाने के लिए सक्रिय रूप से काम नहीं किया है। इसपर प्रकाश डालते हुए और देश भर में कई मिशनरी स्कूलों के तत्वावधान में चल रहे बड़े पैमाने पर मतांतरण का संज्ञान लेते हुए, एबीवीपी मांग करती है कि भारत सरकार को ऐसे स्कुल पर जबरन धर्मांतरण करने को लेकर केस चला कर स्कुल को बंद कर देखा चाहिए।

वही बोधगया के नगर मंत्री अमन कुमार ने कहां की भारत सरकार से हम सभी मांग करते है कि ईसाई मिशनरी स्कूलों में संस्थागत इंजीलवाद का अंत किया जाना चाहिए। यह सुनिश्चित करने के लिए कि संस्थागत इंजीलवाद का अभ्यास नहीं किया जाता है, चर्चों और मस्जिदों को स्कूलों से अलग करने के लिए एक उचित नियामक ढांचे को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। जबरन धर्मांतरण को एक दंडनीय अपराध बनाया जाना चाहिए और इसलिए मतांतरण विरोधी कानून की बहुत आवश्यकता है और इसे राज्य और पूरे देश में समय पर लागू करना अनिवार्य है। लावण्या और दोषी शिक्षकों पर हो रही क्रूरता को प्रकाश में लाने के लिए उचित और पारदर्शी जांच की जाएगी, इसे तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाना चाहिए। एक अच्छे ट्रैक रिकॉर्ड वाले आईपीएस अधिकारी को जांच अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाना चाहिए।

इस मौके पर विश्वविद्यालय संयोजक सूरज सिंह, विभाग संयोजक अमन मिश्रा,प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुबोध पाठक,बोधगया नगर मंत्री अमन कुमार,पवन मिश्रा,विकास कुमार,नगर मंत्री अमन शेखर ,कोषाध्यक्ष अभिषेक आर्य, सोशल मीडिया प्रमुख सुमित कुमार, सह मंत्री अमित कुमार सिन्हा, कार्यकारी सदस्य करण गुप्ता आदि मौजूद थे।

 


Share

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*